वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभद्रता, गलत व्यवहार करना लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई के चार अवर अभियंताओं को भारी पड़ा। मुख्य अभियंता ने चारों अवर अभियंताओं से सारे कामकाज छीनकर उन्हें अधिशासी अभियंता निर्माण खंड द्वितीय के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इतना ही नहीं दो अवर अभियंताओं को तकनीकी जानकारी के मामले में भी शून्य करार दिया है। एक अवर अभियंता पर कार्यालय में तैनात तकनीकी रूप से दक्ष महिला अवर अभियंता के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। महिला अवर अभियंता ने मार्च में इसकी शिकायत भी थी।
पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश पांडेय की ओर से जारी आदेश पत्र में अवर अभियंता रतन प्रकाश यादव, आशीष कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार और अरूण कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है। आदेश में अवर अभियंता रतन प्रकाश यादव पर कार्यालय में तैनात महिला अवर अभियंता के साथ गलत व्यवहार करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि अवर अभियंता आशीष कुमार सिंह और सुरेंद्र कुमार दोनों ने बतौर लिपिक ज्वाइन किया था।
लेकिन अंशकालिक पाठ्यक्रम के आधार पर डिप्लोमा कर लिया। उसके बाद उनकी नियुक्ति अवर अभियंता के पद पर हो गई। लेकिन, ये दोनों अवर अभियंता तकनीकी ज्ञान के मामले में बिल्कुल शून्य हैं और ये विभागीय काम की बजाय ठेकेदारों से सहभागिता करते हुए अपने निजी लाभ के लिए कार्य करते हैं। वहीं अवर अभियंता अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा ठेकेदारों द्वारा कराए गए कार्य से अधिक भुगतान कर दिया जाता है। मुख्य अभियंता ने कहा कि दोनों अवर अभियंताओं की अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-द्वितीय लोक निर्माण के कार्यालय से संबद्ध रहने के दौरान एक अलग रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज की जाए और अगर ये अनुपस्थित रहते हैं तो बिना उनके आदेश के वेतन न दिया जाए। मुख्य अभियंता ने यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता एससी त्रिवेदी की शिकायत पर की है। अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर नौ अप्रैल को उनके साथ हुई घटना का जिक्र कर कार्रवाई की अनुशंसा की थी।