कुंभ से पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए बृहस्पतिवार को दारागंज में एक बार फिर चार मकान ध्वस्त किए गए। स्थानीय लोगों की भीड़ ने कार्रवाई का विरोध कर हंगामा किया। लोगों ने अफसरों को घेर लिया। ध्वस्तीकरण में बाधा आई तो पुलिस ने लाठियां पटककर लोगों को तितर बितर किया। इसके बाद शुरू कार्रवाई में एक छोटा और एक बड़ा मकान पूरी तरह से जमीदोज कर दिया गया। दो अन्य भवनों का सड़क पर आने वाला आंशिक भाग ध्वस्त किया गया।
दारागंज में अब तक हुई कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। अलोपीबाग से दारागंज घाट तक तीन दर्जन से अधिक भवनों पर चिह्नीकरण कर लाल निशान लगाए गए हैं। यहां अतिक्रमण की जद में आने वाले लोग खुद निर्माण तोड़ रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को एडीए के ओएसडी और प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक पांडेय मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ राधारमण कॉलेज के पास पहुंचे। उन लोगों को चेतावनी दी गई, जिन्हें नोटिस जारी की जा चुकी है। फिर कार्रवाई शुरू कर पांच घंटे में चार मकानों का ध्वस्तीकरण किया गया। ओएसडी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण की बाधा दूर करने के लिए अभी अलोपीबाग से दारागंज तक फिर कार्रवाई की जाएगी।
दारागंज में बृहस्पतिवार को ही नगर निगम का बुलडोजर गरजा। नगर आयुक्त अविनाश सिंह के निर्देश पर इंजीनियर संतोष कुमार पांडेय, निरीक्षक अतिक्रमण मनोज कुमार की अगुवाई में पेशवाई मार्ग खाली कराया गया। निरंजनी अखाड़ा के पास स्थित एसबीआई शाखा से शुरू अभियान विद्युत शवदाह गृह तक चला। कार्रवाई के आरंभ में ही एक बाथरूम तोड़ने पर लोग बिफर पड़े। काफी जद्दोजहद के बाद ध्वस्तीकरण किया जा सका। सड़क पर बनी एक रसोईं के साथ तीन दुकानों के सामने चबूतरा, छह शेड, छह रैंप, दो झोपड़ी समेत दो दर्जन से अधिक अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। कई बार विरोध के कारण कार्रवाई बाधित रही।