गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र साढ़े चार मीटर दूर रह गया है। रविवार को फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में तीन मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज होने से जलस्तर 80.38 मीटर पर और छतनाग में दो मीटर बढ़ने से जलस्तर 79.22 मीटर पर पहुंच गया। उधर, यमुना के जलस्तर में भी दो मीटर का इजाफा होने से जलस्तर रविवार की शाम तक 79.96 मीटर रिकार्ड किया गया। बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीएम संजय कुमार ने किलाघाट से दारागंज तक बढ़े जलस्तर का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने इसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रिपोर्ट देने को कहा है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए बख्शी बांध स्थित स्लूज गेट को बंद कर दिया गया है और सभी पंपिंग स्टेशनों को 24 घंटे चालू रखने को कहा है। डीएम ने कहा कि बढ़े जलस्तर से अभी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर कोई विपरीत स्थिति उत्पन्न होती है तो उसे संभाला जाएगा। डीएम ने प्रभारी जल पुलिस केडी यादव से जल पुलिस और गोताखोरों की जानकारी ली। बताया गया कि वर्तमान में 14 जल पुलिस और 10 गोताखोर हैं। उन्होंने दोनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
कहा कि सर्च लाइट और जाल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने आसपास टीलों पर किसी भी व्यक्ति को रात्रि में न रुकने की बात कही। उन्होंने गंगा और यमुना में नावों को तत्काल प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। अगर कोई भी नाविक आदेश नहीं मानता है उसकी नाव जब्त करने का निर्देश भी दिया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, बाढ़ नियंत्रण से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।