इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण एवं जालसाजी मामले में उम्रकैद की सजा पाए चार आरोपियों को बरी कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने एटा निवासी राम किशोर, राम भरोसे और अन्य की याचिका पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण एवं जालसाजी मामले में उम्रकैद की सजा पाए चार आरोपियों को बरी कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने एटा निवासी राम किशोर, राम भरोसे और अन्य की याचिका पर दिया।
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एटा की सत्र अदालत की ओर से राम किशोर, राम भरोसे, भूदेव और दिनेश सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास हैं और लास्ट सीन टुगेदर सिद्धांत को पुष्ट करने वाला कोई स्वतंत्र साक्ष्य नहीं है। केवल अंतिम बार साथ देखे जाने के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। सक्षम सिविल न्यायालय के निर्णय के बिना बिक्री विलेख को फर्जी मानकर जालसाजी का अपराध सिद्ध नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला निरस्त कर सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।