प्रयागराज। मछलीशहर जौनपुर के पूर्व सांसद उमाकांत यादव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। उमाकांत के खिलाफ स्पेशलकोर्ट एमपीएमएलए प्रयागराज ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। इस पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने वारंट पर रोक नहीं लगाई मगर उनको स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने तक गिरफ्तार नहीं करने या उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा था।
उमाकांत ने समर्पण नहीं किया और दो बार इसके लिए समय बढ़ाने की मांग की, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया था। इसके बावजूद उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया और एक बार फिर समय बढ़ाने की अर्जी दी थी। न्यायमूर्ति केएन बाजपेई ने अर्जी यह कहकर खारिज कर दी कि याची को पहले भी समय दिया गया था। समय बढ़ाए जाने का कोई आधार नहीं है।
उमाकांत के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में धोखाधड़ी, गबन सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। जिस पर विशेष अदालत एमपीएमएलए प्रयागराज में सुनवाई चल रही है। उमाकांत के हाजिर न होने पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी है, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था और कहा था कि यदि याची 10 दिन में कोर्ट में हाजिर होकर जमानत अर्जी दाखिल करता है तो उसे नियमानुसार निर्णीत किया जाए। तब तक उसके खिलाफ उत्पीड़न कार्रवाई न की जाए।