पूर्व विधायक चंद्रभद्र और यशभद्र को मिली जमानत
प्रयागराज। मारपीट और दलित उत्पीड़न के मामले में इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू और उनके भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह उर्फ मोनू की जमानत स्पेशल कोर्ट ने मंजूर कर ली है। जमानते दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। मंगलवार को इस प्रकरण में कोर्ट ने दोनाें भाइयाें को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया था।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता कौशलेश सिंह, उदय प्रताप सिंह और विजय बहादुर सिंह को सुनकर दिया है। घटना पांच फरवरी 2016 की सुल्तानपुर के कूड़ेभार थाने की है। वादिनी उषा सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सपा की प्रत्याशी नीलम कोरी का नामांकन कराने धनपतगंज ब्लाक गई थी। वह जैसे ही नामांकन करके ब्लाक से निकली थी कि चन्द्रभद्र सिंह, यशभद्र सिंह,अतुल सिंह, राममूर्ति सिंह उर्फ बब्लू और अजीत यादव ने नीलम कोरी को मारापीटा, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली दी और जान से मारने की धमकी दी थी। बीच बचाव करने वालों को भी मारा पीटा गया और फायरिंग की गई जिसमें सिराज अहमद को गोली लगी थी। उनके वाहनों तोड़फोड़ की गई। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें राजनैतिक रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया। वह घटना के समय उपस्थित नहीं थे। एससीएसटी का कोई अपराध नहीं बनता है।