अधिवक्ता सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि वैध स्रोतोंं से संपत्ति अर्जित की है। राजनीतिक द्वेषवश उन्हें फंसाया गया है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री को बड़ी राहत दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी को आज बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है और तीन साल की कैद की सजा व दोषसिद्धि आदेश पर अपील लंबित रहने तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी पहले से जमानत पर हैं, इसलिए उन्हें कोर्ट में समर्पण करने की आवश्यकता नहीं होगी ।केवल नया जमानत बांड व प्रतिभूति दो हफ्ते में जमा करनी होगी।जिसकी छाया प्रति अपील की पत्रावली पर रखी जायेगी।
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मामले के तथ्यों के अनुसार 18 जून 2013 को पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ इलाहाबाद ( अब प्रयागराज ) के मुट्ठीगंज थाने में आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया था। आरोप है कि बसपा सरकार में मंत्री रहते समय उन्होंने ज्ञात आय से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी। एमपी-एम एल ए विशेष अदालत प्रयागराज ने राकेश धर को अवैध संपत्ति रखने का दोषी मानते हुए तीन साल के कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसे चुनौती दी गई थी।
अधिवक्ता सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि वैध श्रोतों से संपत्ति अर्जित की है।राजनीतिक द्वेषवश उन्हें फंसाया गया है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा सजा के खिलाफ अपील की निकट भविष्य में सुनवाई होने की संभावना नहीं है। इसलिए पहले से मिली जमानत स्थाई की जाती है।