इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार की जमानत मंजूर कर ली है। अंजू लता एलटी ग्रेड पेपर लीक में 30 मई 2019 से वाराणसी की जेल में बंद हैं। उनकी जमानत स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण वाराणसी द्वारा खारिज की जा चुकी है। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी।
जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सुनवाई की। कोर्ट ने इस मुकदमे का ट्रायल एक वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया है। अंजू कटियार पर जमानत प्रावधानों का दुरुपयोग नहीं करने का प्रतिबंध लगाया गया है। जमानत अर्जी पर अधिवक्ता अवनीश त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
अंजू लता के खिलाफ एलटी ग्रेड पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अंजू लता को निलंबित भी कर दिया गया है
अंजू कटियार की पहली जमानत अर्जी इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2019 को खारिज कर दी थी। इसके बाद दोबारा जमानत अर्जी दाखिल कर कहा गया कि पूर्व में जब जमानत याचिका दाखिल की गई थी उस समय मुकदमे की जांच लंबित थी। अब जांच एजेंसी ने जांच पूरी कर चार सीट कोर्ट में दाखिल कर दी है और अदालत ने उस पर संज्ञान ले लिया है मुकदमे का ट्रायल लंबित है याची के अधिवक्ता का यह भी कहना था कि याची एक महिला है जिसके दो छोटे बच्चे हैं वह लंबे समय से जेल में बंद है तथा उसकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए उसको जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने इन तथ्यों के मद्देनजर अंजू कटियार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।