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पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त से होगी पूछताछ, सौहार्द्र बिगाड़ने के मामले में दर्ज हुई है एफआईआर

Sat, 27 Mar 2021 12:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इन धाराओं में हुई एफआईआर
153 ए -धर्म और भाषा के आधार पर नफरत फैलाना।
153 बी - राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला वक्तव्य।
298 - धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना।
505 - राज्य के विरुद्ध या फिर सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध करने को उत्प्रेरित करना।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त सुबचन राम के खिलाफ धार्मिक सौहार्द्र बिगाड़ने समेत कई धाराओं में एफआईआर के मामले में पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। इसके अलावा वादी से भी कहा जाएगा कि वे अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज दें। पूछताछ और दस्तावेजों की तस्दीक के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। सुबचन राम पर आरोप है कि उन्होंने 2019 में स्वतंत्रता दिवस पर सोशल मीडिया में कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने को लेकर संविधान और देश विरोधी बयान दिया था। इसके अलावा उन्होंने धर्म और जाति को लेकर भी कई आपत्तिजनक टिप्पणी भी की है।
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 कृष्णा नगर कीडगंज के रहने वाले आरएसएस की सेवा भारती समिति के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने 24 मार्च को सेवानिवृत्त आयकर आयुक्त सुबचन राम के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने धारा 153 ए और बी, 298 और 505 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की तहरीर के मुताबिक सुबचन राम ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कश्मीर में धारा 370 और धारा 35 ए को हटाए जाने पर संविधान और देश विरोधी बयान दिया।

वादी ने इसके अलावा सुबचन राम के तमाम बयानों को भी तहरीर में लिखा है जिसमें धार्मिक और जातिगत विद्वेश की बात है। इसी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विवेचक विनय मिश्रा ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पूर्व प्रधान आयुक्त से पूछताछ की जाएगी। साथ ही वादी से भी कहा जाएगा कि अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज दें। पूछताछ के बाद ही इस मामले में आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी।
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