इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बसपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय हाजी अलीम के बेटे अनस को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने पारित किया।बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में अनस के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। रालोद नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस ने आरोप लगाया था कि भाईपुर गांव के पास उनके काफिले पर स्वचालित हथियारों से हमला किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
हाजी यूनुस का आरोप है कि अनस ने ही अपने पिता हाजी अलीम की हत्या करवाई थी और मैंने उसपर मुकदमा दर्ज कराया है। साथी मुकदमे की पैरवी कर रहा हूं। इसी रंजिश में जेल में रहते हुए षड्यंत्र कर उनके व उनके साथियों पर जानलेवा हमला कराया। अनस लंबे समय से जेल में बंद है और उसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
याची के अधिवक्ता अभिषेक कुमार सरोज व नगेंद्र बहादुर सिंह ने दलील दी कि यह उनकी चौथी जमानत अर्जी है और सह अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। शिकायतकर्ता ने सह अभियुक्तों की जमानत को चुनौती दी थी, लेकिन वह विफल रहे। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने जमानत याचिका का विरोध किया, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अनस को सशर्त जमानत दे दी।