जिला अदालत ने कोरांव में बीस वर्ष पहले आपसी रंजिश के चलते हुए रमेश त्रिपाठी हत्याकांड में शुक्रवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम शंकर मिश्र, उसके पुत्र महेंद्र कुमार मिश्र तथा लवकुश द्विवेदी को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला अदालत ने कोरांव में बीस वर्ष पहले आपसी रंजिश के चलते हुए रमेश त्रिपाठी हत्याकांड में शुक्रवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम शंकर मिश्र, उसके पुत्र महेंद्र कुमार मिश्र तथा लवकुश द्विवेदी को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) योगेश कुमार-तृतीय की अदालत ने दिया है।
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मामला प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र का है। मृतक के पिता अनंत प्रसाद त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि 23 मार्च 2005 को तीनों आरोपियों ने एकराय होकर बेटे रमेश चंद्र त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गंभीर अवस्था में रमेश का इलाज शहर के अस्पताल में हुआ जहां तत्कालीन एसडीएम/मजिस्ट्रेट रामदत्त राम ने उनका मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज किया। बाद में दूसरे अस्पताल में रमेश की मौत हो गई।
मुकदमे की पैरवी वेंकटेश त्रिपाठी और उनके लेखपाल भाई कर रहे थे लेकिन पैरवी रोकने के लिए लेखपाल और एक अधिवक्ता की भी रास्ते में हत्या कर दी गई। इसकी अलग एफआईआर वेंकटेश त्रिपाठी ने दर्ज कराई थी। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद गुरुवार को अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी करार दिया था। साथ ही महेंद्र कुमार मिश्र और लवकुश द्विवेदी को धारा-25 आयुध अधिनियम में भी दोषी घोषित किया था।