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High Court : एसआईटी का गठन बन गया है फैशन, लापता युवक के मामले में 10 दिन का दिया वक्त

Thu, 16 Apr 2026 03:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापता युवक के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि आजकल एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन एक फैशन बन गया है, जबकि गुमशुदा को तलाशना पुलिस का मूल कर्तव्य है।
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अदालत का आदेश - फोटो : istock
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापता युवक के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि आजकल एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन एक फैशन बन गया है, जबकि गुमशुदा को तलाशना पुलिस का मूल कर्तव्य है।

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कोर्ट ने पुलिस को 10 दिन का अंतिम मौका देते हुए चेतावनी दी। कहा कि इस अवधि में युवक को तलाश नहीं पाए तो फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक(एसपी) को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने शाहीन बेगम की ओर से दायर याचिका पर दिया।

शाहीन बेगम ने आरोप लगाया है कि उनका बेटा 2025 से लापता है। 21 अगस्त 2025 से 13 मार्च 2026 तक कई बार सुनवाई हो चुकी है पर अब तक कुछ पता नहीं चल सका।

पुलिस की ओर से दलील दी गई कि युवक की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और कई टीम लगी हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि युवक की मृत्यु हो गई है या वह देश छोड़कर चला गया है तो पुलिस ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करे। अन्यथा पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह हर हाल में युवक का लापता लगाए। 27 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी। कोर्ट में उपस्थित दोनों सब-इंस्पेक्टरों की व्यक्तिगत उपस्थिति अगली तारीख पर भी अनिवार्य रखी गई है। 

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