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15 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़ा

Wed, 15 Jun 2016 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के लिए गतिमान 15 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ है। मंगलवार को हुई काउंसलिंग के दौरान जो सूची जारी की गई, कम से कम उससे तो यही जाहिर है। सूची में एक नहीं बल्कि कई अभ्यर्थियों के नाम दो या तीन-तीन बार शामिल हैं। यही नहीं सूची में जिस अभ्यर्थी का नाम टॉप पर है उसके हाईस्कूल, इंटर और स्नातक के पूर्णांक और प्राप्तांक समान हैं। सूची तैयार करते वक्त ये गड़बड़ी क्यों नहीं दूर की गई, इस सवाल पर अधिकारी चुप हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ही सवाल उठने लगे हैं। 
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परिषदीय विद्यालयों में 15 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत नौ दिसंबर 2014 को हुई थी। इसके लिए 26 अक्टूबर और 6 नवंबर 2015  को काउंसलिंग हुई। हालांकि, इसके बाद विभिन्न कारणों से प्रक्रिया विलंबित होती रही। अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्रक्रिया में तमाम गड़बड़ियों की बात भी सामने आई, जिसे लेकर अभ्यर्थी कोर्ट भी गए। उधर, शासन ने बीएलएड और 15 जनवरी 2016 तक सहायक अध्यापक पद की अर्हता रखने वालों को भी आवेदन करने का मौका दिया। न्यायालय के आदेश के बाद शासनादेश जारी कर बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएलएड और नए आवेदनकर्ताओं की काउंसलिंग 14 जून को कराने का आदेश जारी किया। इसके लिए कटऑफ भी जारी की गई जो पूर्व में जारी कटऑफ से ज्यादा है। 

मंगलवार को जब अभ्यर्थी सर्व शिक्षा अभियान के मम्फोर्डगंज स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां चस्पा नए आवेदकों की सूची देखकर उनके होश उड़ गए। उनका आरोप है कि सूची में एक से ज्यादा अभ्यर्थियों के नाम कई-कई बार हैं। यही नहीं कई आवेदन फर्जी नाम से किए गए। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि सूची में जिस अभ्यर्थी का नाम टॉप पर है, उसके हाईस्कूल, इंटर और स्नातक के पूर्णांक और प्राप्तांक समान हैं। सूची तैयार करते वक्त ये भी नहीं देखा गया कि अभ्यर्थी का नाम या उसके पिता का नाम भी सही है या नहीं। ‘जो’ नाम के इस अभ्यर्थी के पिता का नाम ‘यूजे’ दर्शाया गया है। अब जरा इस अभ्यर्थी के अंकों पर भी गौर कीजिए। इस अभ्यर्थी ने हाईस्कूल में 500 में 500, इंटर में 500 में 500 और स्नातक में कुल 1500 में से 1500 अंक प्राप्त किए। टीईटी में भी इस अभ्यर्थी के 120 में से 120 अंक दर्शाए गए हैं। यहां बता दें कि उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी कुल 150 अंकों की होती है। 
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अभ्यर्थियों का कहना है कि सूची तैयार करते वक्त इस तरह की गड़बड़ियों पर ध्यान न देना अधिकारियों की नीयत पर सवाल खड़े करता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इलाहाबाद में कुल 175 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था परंतु मात्र 27 अभ्यर्थी ही पहुंचे। मात्र 27 का ही उपस्थित होना यह प्रमाणित करता है कि  आवेदन करने वालों में फर्जी अभ्यर्थी शामिल थे। शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों में रवि कुमार, चंदन, नरेंद्र कुमार, नितिन कमल, प्रताप सिंह, देवेंद्र कुमार सचिन सिंह शामिल हैं। 

अफसर कर रहे भविष्य से खिलवाड़
मंगलवार को सर्व शिक्षा अभियान दफ्तर पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा परिषद पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया है। कहा कि नई सूची जारी करते वक्त अफसरों ने फर्जी और एक से ज्यादा बार आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का नाम बाहर नहीं किया। इससे कई योग्य उम्मीदवार सूची से बाहर हो गए। इनमें वे अभ्यर्थी शामिल थे जो पूर्व में हुई काउंसलिंग में चयनित थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि यही वजह है कि नई कटऑफ भी काफी हाई हो गई। बीएसए जयकरन यादव का कहना है कि कुछ अभ्यर्थी मेरिट बढ़ाने के लिए फर्जी आवेदन कर देते हैं। काउंसलिंग के बाद अब फर्जी अभ्यर्थियों को बाहर करने के बाद नई सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद खाली पदों को भरा जाएगा।

शासनादेश को भी ठेंगा
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती के शासनादेश में लिखा है कि अभ्यर्थियों के चयन में जिला वरीयता लागू होगी। मंगलवार को हुई काउंसलिंग के बाद उन अभ्यर्थियों को अपने अभिलेख वापस लेने को कहा गया है जिनका नाम सूची में नहीं है। अभ्यर्थियों के मुताबिक फर्जी आवेदकों का नाम सूची से बाहर किए जाने पर सीट खाली रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, इसके बाद भी उस जिले से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी को मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि उसका नाम पहले ही सूची से बाहर हो चुका है। इस संबंध में जब अफसरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सीट रिक्त होने पर 21 जून को होने वाली काउंसलिंग में अन्य जिलों के अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। हालांकि, वह इस सवाल पर चुप्पी साध गए कि अपने जिले के अभ्यर्थियों के होते हुए भी अन्य जिलों के अभ्यर्थियों को मौका क्यों दिया जाएगा। 
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