फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजनीतिक स्थिरता के लिए वन नेशन, वन इलेक्शन जरूरी

Thu, 29 Nov 2018 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी की युवा संसद में प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन ’ को देशहित में बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से राजनीतिक स्थिरता आएगी। उनका कहना था कि यदि किसी राज्य में कार्यकाल खत्म होने के पहले कोई सरकार गिर जाती है या फिर चुनाव बाद किसी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता तो वहां आनन फानन में नहीं, बल्कि पहले से तय समय पर ही चुनाव होगा। इससे संबंधित राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी।
विज्ञापन


बुधवार को सिविल लाइंस स्थित पृथ्वी गार्डन में निर्धारित समय से काफी विलंब से पहुंचे सुनील बंसल ने  ‘वन नेशन, वन इलेक्शन ’ पर कहा कि मोदी सरकार लगातार इस विचार के समर्थन में है। इससे सरकार पांच साल विकास पर ध्यान दे सकेगी। केंद्र सरकार इसके लिए अनुकूल माहौल बनाने का भी प्रयास कर रही है। एक साथ चुनाव कराने से तकरीबन 4500 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही अलग से चुनाव कराने और सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं करने होंगे। राजनीतिक दलों को भी अलग-अलग चुनावों की तुलना में कम पैसे खर्च करने होंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने भी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन ’ देश हित में जरूरी कहा। महापौर ने  कहा कि युवा ही देश की तकदीर लिखते हैं। युवाओं के उत्साह से साफ है कि वर्ष 2019 में भी मोदी सरकार की वापसी हो रही है। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी पार्टियां सदैव संवाद शून्य और विचारहीन रही हैं, जबकि भाजपा सदैव विचार और संवाद का सम्मान करने वाली पार्टी है । इसके पूर्व कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत नगर अध्यक्ष विनय मिश्र सिंटू और हर्ष केसरी ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र संगठन मंत्री रत्नाकर, क्षेत्र अध्यक्ष राजेश राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष चेत नारायण सिंह, रामचंद्र मिश्र, देवेंद्र सिंह, अजय राय आदि मौजूद रहे। उधर कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन के आने की भी बात कही जा रही थी, लेकिन दोनों ही पदाधिकारी राजस्थान विधानसभा चुनाव में व्यस्त होने की वजह से प्रयागराज नहीं आ सकीं, इससे कार्यकर्ताओं में मायूसी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें