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स्थानांतरण सेवा जरूरतों के लिए, आदेश के सात साल बाद करना अनुचित

Sun, 23 May 2021 01:20 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • स्थानांतरण आदेश पर रोक, सरकार से जवाब तलब
  • नए सिरे से तबादले को सरकार स्वतंत्र 
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सेवा जरूरतों के अनुसार स्थानांतरण किए जाते हैं। लेकिन 2014 में हुए तबादले को 2021 लागू करना प्रथम दृष्टया अवैध है।कोर्ट ने डीआईजी शामली रेंज के 23 जून 14 व एसपी शामली के 25 मार्च 21 के आदेश को निलंबित कर दिया है और कहा है कि याची को कार्यमुक्त न किया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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कहा है कि याची को शामली से कार्यमुक्त कर सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण करने के लिए विवश न किया जाए। साथ ही नियमित वेतन भुगतान किया जाए। कोर्ट ने कहा है कि स्थानांतरण नीति के तहत नए सिरे से तबादला करने का अंतरिम आदेश बाधक नहीं होगा। सरकार चाहे तो तबादला करने के लिए स्वतंत्र है। याचिका की सुनवाई 14 जून को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने संजीव कुमार की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता का कहना है कि सात साल पहले हुए स्थानांतरण आदेश को लागू किया जा रहा है। एसपी शामली ने याची को कार्यमुक्त कर सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है, जो स्थानांतरण  नीति के खिलाफ है।
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