इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विकास मंच ने शहर की बदहाली के लिए महापौर और नगर आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया है। मंच की सोमवार को सिविल लाइंस में हुई बैठक में इलाहाबाद के स्मार्ट सिटी में शामिल न होने की निंदा की गई। पूर्व पार्षद बद्री चौरसिया ने कहा कि अफसर और जनप्रतिनिधियों की गुटबाजी के कारण शहर में विकास कार्य ठप है। डेंगू, चिकनगुनिया फैल रहा है लेकिन फॉगिंग नहीं हो रही है। दशहरा सिर पर है और पूरे शहर में सड़कें खस्ताहाल हैं।
उन्होंने कहा कि मंच नगर निगम की पोल खोलने के लिए नुक्कड़ सभाएं करेगा। उन्होंने शहर में शराब बंदी की भी मांग की। कहा कि मंच इसके लिए आंदोलन शुरू करेगा। महासचिव हरीश त्रिपाठी ने महापौर पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा करोड़ों रुपये खर्च कर कैटिल कॉलोनी बनी लेकिन मवेशी वहां नहीं भेजे गए और वह शहर की सड़कों पर टहल रहे हैं। कहा कि गुटबाजी की वजह से शहर को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंच जल्द इन सबको बेनकाब करेगा। बैठक में प्रेमचंद्र चौरसिया, नाथूराम बौद्ध, राजू जायसवाल, एहतेशाम सूफी, हरीश त्रिपाठी, राकेश चौरसिया, अमित अग्रवाल, जीपी वर्मा, रमेश केसरवानी, जावेद अहमद, जामी सिद्दीकी, डॉ.अरशद प्रागी, डॉ.अहमद अब्बास, शिवशंकर निषाद आदि शामिल थे।