यानी आयोग को एक दिन में 2,88,077 अभ्यर्थियों की परीक्षा ही करानी होगी। ऐसे में उन जिलों को केंद्र बनाने में तरजीह दी गई है, जो आवागमन के लिहाज से अभ्यर्थियों के लिए सुविधाजनक हों और उन जिलों में सरकारी स्कूल-कॉलेज अधिक संख्या में हों।
इस हिसाब से आयोग ने परीक्षा कराने के लिए 41 जिलों का चयन किया है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिहाज से 41 जिलों में परीक्षा का आयोजन आयोग और प्रशासनिक मशीनरी के लिए भी सुविधाजनक होगा। इस जिलों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा अब ज्यादा मुस्तैदी से की जा सकेगी। अगर सभी 75 जिलों में परीक्षा होती तो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के दायरे को बढ़ाना पड़ता। हालांकि, आयोग और प्रशासनिक तंत्र के अफसरों को अब परीक्षा कराने के लिए दो दिनों के हिसाब से व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।