आरओ/एआरओ-2017 के तहत सचिवालय के लिए चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में सोमवार से शुरू हो गई कोविड-19 के मद्देनजर तमाम पाबंदियों के बावजूद पहले दिन 92 फीसदी अभ्यर्थी सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल हुए। अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया छह जून तक लगातार चलेगी। इसके बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेज दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सचिवालय के लिए कुल 582 अभ्यर्थियों को आरओ/एआरओ के पद पर चयन हुआ है, जबकि यूपीपीएससी और राजस्व परिषद के लिए आरओ/एआरओ के पर चयनित अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन 27 एवं 28 मई को हो चुका है। सचिवालय के लिए समीक्षा अधिकारी (आरओ) के पद पर 256 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनके अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया तीन जून को अपराह्न एक बजे पूरी होगी। सोमवार को इनमें से 100 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए आयोग में बुलाया गया गया था। सत्यापन में 92 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। अभ्यर्थियों को 20-20 के समूह में बुलाया गया था, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके।
अभिलेख सत्यापन एक-एक घंटे की पांच पांच शिफ्ट में किया गया। आयोग ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया कि अपरिहार्य कारणों से जो अभ्यर्थी सत्यापन में शामिल नहीं हो सकेंगे, उन्हें अन्य अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों को खासी, जुकाम, बुखार या अन्य कोई बीमारी है, उन्हें भी सत्यापन प्रक्रिया में शामिल होने से मना किया गया था। ऐसे अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए अन्य अवसर दिया जाएगा। ऐसे में अनुपस्थित रहे आठ अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए एक मौका मिलेगा। मंगलवार को भी सचिवालय के लिए चयनित आरओ के पद पर चयनित 100 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए बुलाया गया है।