बाढ़ का खतरा बढ़ा, विभागों में अलर्ट जारी
0 प्रशासन ने पिटवाई मुनादी, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
0 केन और बेतवा नदी में पानी छोड़े जाने से यमुना में तेजी से बढ़ा जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। यमुना और गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ खतरा बढ़ गया है। यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी पिटवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से भी आश्रय स्थल बनाने के साथ अन्य तैयारी की गई है।
केन और बेतवा नदी में भारी मात्र में पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। शनिवार को दिन में आठ घंटे में ही जलस्तर मे करीब एक मीटर की बढ़ोतरी हो चुकी थी। अफसरों का कहना है कि जलस्तर में अभी बढ़ोतरी जारी रहेगी। ऐसे में कई मोहल्लों में बाढ़ के पानी के घुसने की आशंका है। चूंकि यमुना नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है, इसलिए यमुना के तटीय इलाकों के लोगों में अधिक डर है। गौसनगर में बाढ़ का संकेत देने वाले नाले पर लोगों की नजर रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि यमुना में ज्यादा पानी बढ़ने पर नाले में बहाव रुक जाता है। इसके बाद घरों में पानी घुसने का डर होता है। फिलहाल, अभी नाला में पानी चल रहा है।
इसी तरह से गंगा के कछार बेली, गंगानगर आदि मोहल्लों में भी लोगों में डर बन गया है। हालांकि बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। उधर, प्रशासन की ओर से मुनादी पिटवाई गई है कि नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका है। इसलिए लोग सामान समेट लें और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें। एसडीएम गौरव रंजन ने बताया कि अन्य तैयारियां भी की गई हैं।
सदर में 29 स्थानों पर बनाए गए आश्रय स्थल
0 बाढ़ की आशंका वाले मोहल्लों में 29 स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें अलग-अलग मोहल्ले के लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। वहां बिजली, पानी, सफाई, खाना आदि की व्यवस्था की बाबत जरूरी निर्देश दिए गए हैं। अफसरों, कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। सभी के मोबाइल नंबर क्षेत्र के लोगों में भी वितरित किए गए हैं। आश्रय स्थल (बाढ़ चौकियां) ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी विवेकानंद जूनियर हाईस्कूल अशोक नगर, कैंट हाईस्कूल सदर बाजार, प्राथमिक विद्यालय राजापुर म्योर रोड, महबूब अली हायर सेकेंडरी स्कूल स्टैनली रोड, उमराव सिंह हायर सेकेंडरी स्कूल मम्फोर्डगंज, प्राथमिक विद्यालय नयापुरवा, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी तेलियरगंज, गोविंदपुर कालोनी, ईश्वर शरण इंटर कालेज चांदपुर सलोरी, एनी बेसेंट स्कूल बघाड़ा, राधा रमण इंटर कालेज दारागंज, प्राथमिक पाठशाला फतेहपुरघाट, बमरौली जूनियर हाईस्कूल, पुलिया टेढ़ी जूनियर हाईस्कूल उमरपुर नींवा, मार्डन घोष इंटर कालेज कटघर, जमुना क्रिश्चियन इंटर कालेज कटघर, सीएवी इंटर कालेज मीरापुर, एमएल कान्वेंट स्कूल करैलाबाग, चेतना गर्ल्स इंटर कालेज गौसनगर, करामत की चौकी करेली, प्राथमिक विद्यालय बिसौना, प्राथमिक पाठशाला करैंहदा, प्राथमिक पाठशाला असरावे कला, प्राथमिक विद्यालय सैदपुर, प्राथमिक विद्यालय मैनापुर ओर प्राथमिक विद्यालय जलालपुर धौंसी में बनाए गए हैं।
हर दो घंटे में देखा जा रहा जलस्तर
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से हर दो घंटे में जल स्तर मांपने का निर्देश दिया गया है। छतनाग और नैनी में 10 घंटे में 110 सेमी तक जल स्तर में बढ़ोतरी हो गई थी।
नाव के लिए संस्था तय, स्थानीय लोगों की भी मदद
बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ सतर्क है। पर्याप्त संख्या में नाव की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी से संपर्क किया गया है। खाना, पानी तथा अन्य जरूरी वस्तुओं के लिए स्थानीय लोगों से भी संपर्क किया गया है।
Flood risk in coastal areas increased, alert issued- फोटो : ALDCOMPACT
Flood risk in coastal areas increased, alert issued- फोटो : ALDCOMPACT