दारागंज, अल्लापुर, राजापुर, शिवकुटी समेत कई इलाकों में परेशानी
संचारी रोग अभियान बेमानी, एंटी लार्वा छिड़काव-फागिंग नहीं कराई
प्रयागराज। बाढ़ का पानी कम होने के साथ-साथ शहर के कछारी इलाकों में बरसाती कीड़ों और मच्छरों की भरमार होने लगी है। लोग परेशान हैं और प्रभावित क्षेत्रों में संचारी रोग अभियान बेमानी साबित हो रहा है। कहीं भी एंटी लार्वा छिड़काव और फागिंग नहीं कराई गई है। कई बार शिकायत के बाद भी जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम के अफसर चुप बैठे हैं।
दारागंज, अल्लापुर, छोटा बघाड़ा, सलोरी, शिवकुटी, राजापुर, करेलाबाग समेत अन्य कछारी इलाकों में सफेद छोटे कीड़ों और मच्छरों से आफत मची है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले नीरज के मुताबिक रात में मच्छर भनभनाते हैं और दिन में छोटे सफेद कीड़े काटते हैं। हाल यह होता है कि बड़े हों या बच्चे, उनके शरीर पर लाल चकत्ते पड़ रहे हैं। ऐसे भी कीड़े हैं, जिनके काटने से खुजली होती है।
दारागंज के नागवासुकि, बक्शी कला, बक्शी खुर्द, बांध के आसपास रहने वाले नितिन मिश्रा, सीपी सिंह, अल्लापुर बाघंबरी के संजय सिंह, पीके राव, छोटा बघाड़ा के संजीव, सलोरी के मुन्नन, राजू, राजापुर के अनंतराम, शिवरानी, करेलाबाग की प्रीति, मास्टर सुधीर आदि ने बताया कि कीडे़ और मच्छर काट रहे हैं। दिन में मक्खियां तो रात में मच्छरों और बरसाती कीड़ों ने जीना दूभर कर रखा है। प्रभावित इलाकों में रहने वालों ने कीटनाशक, एंटी लार्वा छिड़काव के साथ फॉगिंग कराने की मांग प्रशासन से की है।
मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने फागिंग की कार्ययोजना तैयार की है। शेड्यूल के मुताबिक हर वार्ड के मोहल्लों में फागिंग कराई जाएगी। प्रभावित इलाकों में अभियान चलाकर सफाई और फागिंग कराई जाएगी। -अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर
शहर में पांच टीमें एंटी लार्वा छिड़काव कर रही हैं। शिकायत वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर छिड़काव कराया जाएगा। -केपी द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी