नागवासुकि मंदिर के पास कुंभ मेला के सेक्टर छह में शनिवार को नेत्र कुंभ का उद्घाटन हुआ। शिविर में रोज पांच हजार मरीजों का इलाज किया जाएगा। यहां 30 पटल पर दो सौ से अधिक विशेषज्ञ आंखों की जांच कर उपचार करेंगे। अंधता निवारण कार्यक्रम में तहत आयोजित इस आयोजन में सवा लाख से अधिक चश्मे बांटे जाएंगे।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद की अध्यक्षता में शिविर का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि आरएसएस समाज की पीड़ा समझता है। श्रद्धालुओं को इस शिविर का लाभ मिलेगा। मुख्य अतिथि स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि नेत्र कुंभ का आयोजन व्यापक समाज हित की परिकल्पना को साकार करेगा। लोग शिविर में आंखों की जांच और उपचार जरूर कराएं।
संघ के सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि आर्थिक तंगी से आंखों का इलाज न करा पाने वालों तक राहत पहुंचाने का यह प्रयास मात्र है। सक्षम के साथ अन्य संस्थाओं ने इसका क्रियान्वयन कराने के लिए सेवा की कल्पना को साकार किया जा सका है। परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि ने जीते जी रक्तदान, अंत समय नेत्रदान का आह्वान किया। शिविर में भाऊराव देवरस, रज्जू भैया सेवा न्यास के साथ सक्षम, नेशनल मेकिोज ऑर्गेनाइजेशन, सर गंगा राम कोलमेट हॉस्पिटल और अंत्योदय हेल्थ मिशन का सहयोग रहेगा। चार मार्च तक आयोजित नेत्र कुंभ में कॉर्निया, मोतियाबिंद, भैंगापन, नाखूना, ग्लूकोमा, प्टोसिस आदि की जांच कर के समुचित इलाज की व्यवस्था की गई है।
उद्घाटन अवसर पर ब्रह्मदेव शर्मा, डॉ. दयाल सिंह पवार, डॉ. गिरीश चंद्र त्रिपाठी, रविकांत, पद्मश्री योगेश्वर दत्त, डॉ. योगेंद्र मलिक मंचासीन रहे। संचालन सौरभ तथा डॉ.रश्मि ने धन्यवाद ज्ञापित किया।