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कोर्ट का आदेश न मानने पर सचिव ग्राम विकास पर पांच हजार हर्जाना

Wed, 21 Oct 2020 06:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार बार आदेश देने के बाद भी हलफनामा दाखिल न करने पर सचिव ग्राम विकास लखनऊ पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया है । कोर्ट ने कहा कि यदि वह अपने खाते से चेक द्वारा पांच हजार रुपये राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कर हलफनामा दाखिल नहीं करते हैं तो उन्हें अगली तारीख तीन नवंबर 2020 को कोर्ट में हाजिर होना होगा । यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक  अग्रवाल ने त्रयंबक नाथ की याचिका पर दिया है । 
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याचिका के अनुसार याची वर्ष  2003 में रिटायर हो चुका है । उसने गलत मूल वेतन निर्धारण के खिलाफ याचिका दायर की है। याची के अधिवक्ता गिरिज शंकर  मिश्र ने कोर्ट को बताया कि गलत मूल वेतन निर्धारण के चलते याची की पेंशन में  काफी फर्क पड़  रहा है । कोर्ट ने इस याचिका पर कई अलग अलग तिथियों पर सचिव से उनका व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सरकारी वकील का कहना था कि पत्र द्वारा सूचना दी जा चुकी है,  परन्तु कोई हलफनामा दाखिल नहीं हुआ ।

सरकारी वकील ने  एक और अवसर देने की मांग की ताकि  सचिव से बात कर हलफनामा दाखिल किया जा सकें । इस पर कोर्ट ने एक और मौका हलफनामा दाखिल करने का देते हुए सचिव को निर्देश दिया है कि वह अपने खाते से पांच हजार रुपये का चेक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कर हलफनामा दाखिल करें। कोर्ट ने आदेश में कहा हैं कि ऐसा न करने पर उन्हें  मुकदमा के सुनवाई की अगली तिथि पर कोर्ट में हाजिर रहना होगा ।
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