साइबर ठगों ने चतुर्थ वाहिनी पीएसी में रहने वाले अभिसूचना विभाग के एएसआई समेत पांच लोगों से 4.64 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर, ऑनलाइन शॉपिंग, गैस बुकिंग और रिफंड का लालच देकर चपत लगाई। सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सिविल लाइंस निवासी छाया हरदहा ने ऑनलाइन क्रीम का ऑर्डर किया था। 13 जून को एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई डिस्पैच टीम का कर्मचारी बताकर फोन किया। तत्काल डिलीवरी के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया। बाद में रिफंड के नाम पर अलग-अलग ट्रांजेक्शन कराकर 82,256 रुपये खाते से निकलवा लिए।
थॉर्नहिल रोड स्थित बिशप हाउस निवासी बिबिन एक्का को 10 जून को एक व्यक्ति ने फोन कर अपना नाम विकास साहनी बताया। मदद के नाम पर विश्वास में लेकर अलग-अलग खातों में 2,03,989 रुपये ट्रांसफर करा लिए। चतुर्थ वाहिनी पीएसी में रहने वाले अभिसूचना विभाग के एसआई को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने कहा कि क्रेडिट कार्ड से दो बार कटे रुपये वापस किए जाएंगे। जानकारी साझा करने पर उनके क्रेडिट कार्ड से 49,998 रुपये कट गए।
जॉर्जटाउन क्षेत्र की प्रीति श्रीवास्तव को एक व्यक्ति ने खुद को एक गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर फोन किया। व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया और खाते से 95 हजार रुपये कट गए। खुल्दाबाद के गाड़ीवान टोला निवासी मंदाकिनी साहू 10 जून को देवघाट स्थित एटीएम से रुपये निकालने गई थीं। वहां युवक ने मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल लिया। कुछ देर बाद उनके खाते से 33 हजार रुपये निकाल लिए गए।