दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर के सामने शुक्रवार शाम सवारियों से भरी नाव गंगा में पलट गई। इससे नदी में गिरे पांच लोग डूबने लगे। इनमें से तीन को तो बचा लिया गया लेकिन छह महीने की मासूम समेत दो लोगों का पता नहीं चला। रात तक उनकी तलाश होती रही लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
पुलिस ने बताया कि दारागंज की ओर से बड़ी संख्या में लोग नदी पार कर झूंसी कछार में सब्जियों की खेती करने जाते हैं। शाम को नाव से ही ज्यादातर लोग वापस आ जाते हैं। शुक्रवार शाम 6.30 बजे के करीब भी एक नाव पर सवार होकर 16 लोग दारागंज की ओर लौट रहे थे। नाव नागवासुकी मंदिर के सामने घाट के करीब ही थी कि वहां स्थित पीपा पुल नंबर 14 के पीपे से टकराने के बाद नाव पलट गई और उसमें बैठे लोग नदी में जा गिरे। इस दौरान अन्य लोग तो तैरकर किनारे पर पहुंच गए लेकिन पांच लोग डूबने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह तीन लोगों को निकाल लिया।
इसमें घसियारी टोल निवासी शिवकुमार व उसके बच्चे अंतिम व किशन शामिल थे। हालांकि काफी देर पानी में रहने के कारण तीनों बेहोश हो गए थे। पुलिस ने तीनों को अस्पताल भेजवाया। बाद में पता चला कि हादसे में घसियारी टोला निवासी रामकली(50) पत्नी अर्जुन व उसकी छह महीने की मासूम पोती भी नदी में डूबी है। पुलिस ने बहुत खोजबीन की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि बहुत देर तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। सुबह फिर से तलाश की जाएगी।