Five lakh damages imposed on the Director of Basic Education
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थश्रेणी कर्मचारी को नियमित वेतनमान न देकर 17 वर्षों से परेशान रखने के मामले में हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक प्रयागराज पर पांच लाख रुपये हर्जाना लगाया है। कोर्ट ने निदेशक बेसिक शिक्षा को आदेश दिया कि दो सप्ताह के भीतर पांच लाख रुपये का याची को भुगतान करें। कोर्ट ने इस मामले में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा तथा निदेशक बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज से एक सप्ताह में हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।
अवध रानी की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने याची को नियमित सेवा में मानते हुए निदेशक के आदेश को रद्द कर दिया और याची को चतुर्थश्रेणी कर्मी का वेतनमान देने का आदेश दिया था। कहा था की 1983 से लेकर 2001 तक के वेतन भुगतान अंतर का बैंक दर से ब्याज सहित भुगतान किया जाए। कोर्ट ने 24 जनवरी 2002 के आदेश में निदेशक पर पांच हजार रुपये हर्जाना भी लगाया था।
इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो याची ने अवमानना याचिका दाखिल की। सरकार ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की। लेकिन, सरकार को कोई राहत नहीं मिली। विशेष अपील 2018 में पैरवी न करने के कारण खारिज हो गई। सरकार की तरफ से पुनर्स्थापना अर्जी दाखिल की गई है, जो विचाराधीन है। कोर्ट ने सरकार के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है। कोर्ट ने कहा, पिछले 17 साल से एक गरीब वादकारी को परेशान किया जा रहा है। उसे अपना हक पाने के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े। याचिका की सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।