इसके बाद सिमरन को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसका दाहिना हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो चुका था। उसे फौरन एसआरन अस्पताल भिजवाया गया और कुछ देर बाद निजी अस्पताल से रितु व राधा को भी एसआरएन रेफर कर दिया गया। वहीं, नेहा को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे और वह घटना से आक्रोशित हो उठे। इसी दौरान डंपर में आग लगा दी गई। रोकने की कोशिश पर एसीपी रवि गुप्ता व मेजा थाने के एक दरोगा से भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने धक्कामुक्की भी की।
फायरब्रिगेड की गाड़ी पहुंची तो उसे भी रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के मना करने पर आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ देर बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव भी आ गए और उन्होंने समझाया, तब जाकर दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हुआ।
घायल तीन छात्राओं को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। - विवेक चंद्र यादव, डीसीपी यमुनानगर