सावधान! डेंगू ने सितंबर में पांव पसारना शुरू कर दिया है। छह दिन के अंदर इससे पीडि़त पांच मरीज मिले हैं। इसमें सबसे ज्यादा चार-चार मरीज सिविल लाइंस व नैनी में पाए गए हैं। एक माह में 52 हजार घरों की चेकिंग में 2300 डेंगू के लार्वा मिले हैं। इसमें सबसे ज्यादा कूलरों में इनके लार्वा 1550 पाए गए हैं। ऐसे में सभी को अपने कूलरों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा।
इस वर्ष मरीजों की संख्या अब तक 30 हो गई है। अगस्त 2023 में 24 मामले सामने आए थे। वहीं, इस साल अगस्त माह में 13 ही मरीज मिले हैं। लेकिन, सितंबर को डेंगू के पीक का समय माना जाता है। ऐसे में जिला मलेरिया विभाग ने लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डीबीसी (डेंगू ब्रीडिंग चेकर) की टीम को चेकिंग के दौरान एक माह के अंदर 52 हजार घरों में 2300 डेंगू के लार्वा मिले हैं। इसमें सिर्फ कूलरों में 1550 डेंगू के लार्वा मिले हैं। इसके अलावा गमलों में 210, टायरों में 369, पानी की टंकियों में 111 व फ्रिज में 68 डेंगू के लार्वा मिले हैं।
टीम ने इन्हें नष्ट करके घरों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया है। झूंसी, अल्लापुर, नैनी व फाफामऊ में सबसे ज्यादा डेंगू के लार्वा मिले हैं। इन इलाकों में जिला मलेरिया विभाग, नगर निगम की टीम संयुक्त रूप से एंटी लार्वा व दवा का छिड़काव कर रही है।
तीन वर्षों में डेंगू के मामले
माह 2021 2022 2023
जनवरी से जून तक 1 1 00
एक जुलाई से 31 जुलाई 03 03 02
एक अगस्त से 31 अगस्त 33 08 24
एक सितंबर से 30 सितंबर 310 162 101
एक अक्तूबर 31 अक्तूबर 532 708 105
तीन नवंबर से 30 नवंबर 357 558 171
एक दिसंबर से 31 दिसंबर 63 25 52
कुल मामले 1299 1465 505
गांव से ज्यादा शहर में मामले
इस वर्ष भी गांव से ज्यादा शहरी क्षेत्रों में भी डेंगू के मामले देखने को मिल रहे हैं। अब तक 24 शहरी व छह डेंगू के मरीज ग्रामीण क्षेत्रों में मिले हैं। वहीं, वर्तमान में कुल सक्रीय मरीजों की संख्या पांच है। इसमें दो मरीजों का निजी अस्पताल व तीन का घर पर इलाज चल रहा है।
:::कोट
हर साल सितंबर से नवंबर के बीच डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह डरें नहीं, बल्कि सतर्कता बरतें। इसके लिए घरों में व आसपास साफ-सफाई रखें। वहीं, पानी का जमाव न होने दें।
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आनंद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी