आरोपियों को पूछताछ के दौरान अधिवक्ता रखने की छूट
कोर्ट ने कहा है कि आरोपी अगर अपने साथ अपने अधिवक्ता रखते हैं तो उन्हें इसके लिए छूट रहेगी लेकिन अधिवक्ता जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वह 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे। एसआईटी किसी भी तरह की मानसिक प्रताडऩा नहीं करेगी और तीनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा।
मामला गंभीर होने की वजह से कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस, आरपीएफ के जवान मौजूद रहे। इससे कचहरी परिसर दोपहर से पहले छावनी में तब्दील रहा। अभियोजन की ओर से सयुंक्त निदेशक अभियोजन विश्वनाथ त्रिपाठी, अभियोजन अधिकारी अतुल्य द्विवेदी, प्रदीप शर्मा और सुभाष त्रिपाठी ने पैरवी की।