योगी सरकार ने किसानों का कर्ज किया माफ
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प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को दावा किया कि प्रयागराज में बंद पड़ी लगभग 250 औद्योगिक इकाइयों द्वारा लॉकडाउन अवधि में सरकार के निर्देश पर श्रमिकों को वेतन के रूप में लगभग 5 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज में लॉकडाउन अवधि में प्रभावित अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के उद्देश्य से तकरीबन 8,000 छोटी बड़ी इकाइयों में उत्पादन कार्य शुरू कराया गया, इससे लगभग चालीस हजार लोगों को रोजगार मिला। सिद्धार्थनाथ ने यह बातें अपने आवास पर पार्टी के पदाधिकारियों से हुई वार्ता के दौरान कहीं।
राजापुर स्थित अपने आवास पर मंत्री ने कहा कि प्रयागराज में वेंटिलेटर के पार्ट्स का निर्माण शुरू कराया जाना विशेष उपलब्धि का विषय रहा। नैनी स्थित वी के कनेक्टर द्वारा प्रतिदिन 400 वेंटिलेटर का पार्ट्स तैयार किया जा रहा है, जो बंगलूरू में असेंबल हेतु भेजा जा रहा है। इसके अलावा त्रिवेणी इलेक्ट्रोप्लास्ट द्वारा सर्जिकल मास्क की एक बड़ी इकाई स्थापित की जा रही है, जिसमें प्रतिदिन एक लाख मास्क तैयार होगा।
कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान आदि राज्यों से वापस आए प्रदेश के श्रमिकों, कारीगरों हेतु उद्योग विभाग ओडीओपी योजनांतर्गत बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद प्रयागराज में फूड प्रोसेसिंग को ओडीओपी में सम्मिलित कर लिया गया है, जिसमें दुग्ध उत्पादन, आचार, जैम जेली, मुरब्बा तथा बेकरी ट्रेडों में बड़े पैमाने पर लोगों को अतिशीघ्र प्रशिक्षण प्रदान कर नि:शुल्क किट का वितरण कर आना जाना है, ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार कर सकें।
प्रवासी कारीगरों को बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी योजनांतर्गत लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लॉकडाउन के दौरान उद्योग विभाग द्वारा समस्त इकाइयों को पास की सुविधा उपलब्ध कराई गई , जिस कारण उसमें उत्पादन कार्य प्रारंभ हो गया । सरकार का संकल्प है कि 11 लाख प्रवासी श्रमिकों के हाथों में काम देने का जो जल्द ही शुरू होने जा रहा है।