यूपी बोर्ड की परीक्षा के बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन में पहली बार पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। मूल्यांकन की व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी है। शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) को निर्देश जारी कर दिए हैं। कॉपियों के मूल्यांकन के संबंध में बोर्ड मुख्यालय में हुई बैठक में शिक्षाधिकारियों को इससे अवगत भी करा दिया गया। मंगलवार को दूसरे दिन माध्यमिक शिक्षा सचिव शैल यादव की अध्यक्षता में हुई में इलाहाबाद एवं मेरठ क्षेत्रीय कार्यालयों से जुड़े डीआईओएस शामिल हुए, जिसमें उन्हें मूल्यांकन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने रूप में उप शिक्षा निदेशक (डीडीआर), जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), सह जिला विद्यालय निरीक्षक (एडीआईओएस), राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) के प्रधानाचार्यों को पर्यवेक्षक अधिकारी नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। इनका काम कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता लाने के साथ यह देखना होगा कि जो शिक्षक कॉपियों को जांच रहे हैं, वह योग्य हैं या नहीं। पर्यवेक्षक प्रत्येक दिन कम से कम दो केंद्रों का निरीक्षण करते हुए अपनी देखरेख में मूल्यांकन कराएंगे और निरीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन माध्यमिक शिक्षा सचिव और क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव को देंगे।
बैठक में बताया गया कि मूल्यांकन केंद्रों पर किसी विषय विशेष में परीक्षकों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो तो ऐसी स्थिति में अवकाश प्राप्त शिक्षकों अथवा ऐसे अध्यापकों को मूल्यांकन में लगाया जाए जो इस वर्ष किसी कारणवश नियुक्त नहीं हो सके हैं। उप नियंत्रकों के लिए निर्देश है कि किसी विषय का शिक्षक न मिलने पर शुरू के पांच दिन शिक्षक की नियुक्ति नहीं करेंगे, बल्कि इंतजार करेंगे। इसके बाद संबंधित विषय के शिक्षक को लगाएंगे।
रोज इंटर की 45, हाईस्कूल की 50 कापी जांचेंगे शिक्षक
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की तीन करोड़ से अधिक कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 1.35 लाख शिक्षक लगाए गए हैं। इन शिक्षकों को 27 अप्रैल से अगले 15 दिन के भीतर मूल्यांकन का काम पूरा करना है। शिक्षक एक दिन में इंटर की 45 एवं हाईस्कूल की 50 कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे।
अंग्रेजी, विज्ञान, गणित की शिक्षिकाएंजांचेंगी हिंदी की कॉपी
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) इलाहाबाद में अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, संगीत जैसे विषय पढ़ाने वाली शिक्षिकाएं यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की हिंदी की कॉपियों का मूल्यांकन करेंगी। यूपी बोर्ड की ओर मूल्यांकन के संबंध में जारी सूची में अलग-अलग विषयों की शिक्षिकाओं की ड्यूटी एक ही विषय की कॉपी जांचने में लगाए जाने का पता चलने पर वह भी आश्चर्यचकित हैं। दरअसल यह गलती विद्यालय के स्तर से ही हुई है। मूल्यांकन के लिए विद्यालयों से विषयवार शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन मांगा जाता है। हर विषय का कोड निर्धारित है। कंप्यूटर में गलत कोड भरने से गड़बड़ी हुई। जिसे सही किया जाएगा।