औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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पहली पत्नी के रहते दूसरी महिला से शादी करने में एक पूर्व इंस्पेक्टर फंस गया है। लखनऊ में तैनाती के दौरान पूर्व इंस्पेक्टर ने न सिर्फ दूसरी शादी की बल्कि महकमे के दस्तावेज में पहली पत्नी का नाम कटवा कर दूसरी पत्नी को पेंशन का आश्रित बना दिया। इंस्पेक्टर की करतूत का पता चलने पर उसकी पहली पत्नी ने मामले की शिकायत आला अफसरों से की। आरोप है कि इसके बाद पूर्व इंस्पेक्टर ने कर्नलगंज स्थित अपने घर पहुंचकर पहली पत्नी और बच्चों से मारपीट की व जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत पर कर्नलगंज पुलिस केस लिखकर जांच कर रही है।
कर्नलगंज निवासी जितेंद्र प्रताप सिंह पुलिस महकमे में निरीक्षक के पद से 2016 में रिटायर हुआ। लखनऊ में तैनाती के दौरान जितेंद्र का फतेहपुर की पूनम सिंह नामक युवती से प्रेम प्रसंग चलने लगा। कुछ दिनों बाद निरीक्षक ने पहली पत्नी, बेटे और बेटी को बताए बिना चुपके से पूनम से विवाह कर लिया। दूसरी शादी के बाद धोखाधड़ी कर महकमे के दस्तावेज में पहली पत्नी ज्ञान देवी का नाम कटवा कर पूनम का नाम चढ़वा दिया।
रिटायर होने के बाद भी जितेंद्र सिंह घर नहीं आ रहा था। घरवालों को शक हुआ तो उनकी रेकी की। तब पूर्व इंस्पेक्टर की करतूत की पोल खुली। पत्नी और बच्चों ने दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बनाया। ज्ञान देवी का आरोप है कि 14 नवंबर 2016 को पूर्व इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह दूसरी पत्नी पूनम और अन्य लोगों के साथ बोलेरो गाड़ी में यहां आए। घर में घुसकर मारपीट की और धमकी दी। ज्ञान देवी की शिकायत पर पूर्व इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह उसकी दूसरी पत्नी पूनम सिंह और अन्य अज्ञात पर केस हुआ है।