अब रोडवेज की चलती बस में आग लगी तो खुद ही बुझ जाएगी। इसके लिए रोडवेज प्रबंधन ने बसों में ऑटोमेटिक वाटर मिस्ट फायर सप्रेशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह आधुनिक और सेंसर आधारित सिस्टम तापमान बढ़ने या चिंगारी उठने पर तुरंत सक्रिय हो जाएगा और केमिकल युक्त पानी की बौछार कर आग पर काबू पा लेगा। ट्रायल के तौर पर कानपुर में कुछ बसों में यह सिस्टम लगाया गया है। जल्द ही इसे प्रयागराज समेत सभी रीजन की बसों में लगाया जाएगा।
यह तकनीक पूरी तरह से स्वचालित और त्वरित कूलिंग प्रणाली पर आधारित है। इसमें विशेष स्मोक और हीट डिटेक्टर सेंसर लगे होते हैं। तापमान के लगभग 68 से 70 डिग्री तक पहुंचते ही या चिंगारी भांपते ही एक्टिव हो जाते हैं। इसके सक्रिय होते ही पानी की बारीक बूंदें (माइक्रोन आकार में) निकलती हैं, जो आग के तापमान को तेजी से गिरा देती है।
साथ ही पानी के भाप में बदलने से उस हिस्से में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे आग तुरंत बुझ जाती है। यह सिस्टम दोतरफा सुरक्षा देता है।इमरजेंसी में या तो चालक बटन दबाकर इसे मैन्युअल रूप से चालू कर सकता है, या फिर चालक के बटन न दबा पाने की स्थिति में यह खुद-ब-खुद चालू होकर आग को खत्म कर देगा।
यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह का कहना है मुख्यालय स्तर से अनुमोदन मिलते ही इसे सभी बसों में अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। इससे भविष्य में आग लगने की घटनाओं को रोका जा सकेगा। कुछ कंपनियां अपनी नई बीएस-6 मॉडल की बसों में इस संयंत्र को लगाकर दे रही हैं। रोडवेज की पुरानी बसों में इसे विभाग की वर्कशॉप में अलग से इंस्टॉल किया जाएगा।