महाकुंभ में अग्निशमन विभाग ने 185 अग्नि दुर्घटनाओं में बिना किसी जन हानि के काबू पाया। साथ ही लगभग 16.5 करोड़ रुपये से अधिक की धनहानि को भी बचाया। इनमें 24 बड़ी अग्नि दुर्घटनाएं भी शामिल रहीं। सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि 24 अग्नि दुर्धटनाएं गंभीर थीं।
महाकुंभ में अग्निशमन विभाग ने 185 अग्नि दुर्घटनाओं में बिना किसी जन हानि के काबू पाया। साथ ही लगभग 16.5 करोड़ रुपये से अधिक की धनहानि को भी बचाया। इनमें 24 बड़ी अग्नि दुर्घटनाएं भी शामिल रहीं। सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि 24 अग्नि दुर्धटनाएं गंभीर थीं। इनमें कुछ टेंट जल गए लेकिन जनहानि नहीं हुई। जबकि 86 के करीब छिटपुट अग्निजनित दुर्घटनाएं भी हुईं।सबसे बड़ी अग्नि दुर्घटना 19 जनवरी को सेक्टर-19 में सिलेंडर के फटने से हुई थी।
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अग्नि दुर्घटनाओं में आठ पशुओं को भी बचाया गया। मेला क्षेत्र के 25 सेक्टरों में 50 अग्निशमन केंद्र, 20 अग्निशमन चौकियां स्थापित की गई थीं। 2,200 प्रशिक्षित अग्निकर्मी प्रत्येक सेक्टर में तैनात रहे। 351 अग्निशमन वाहन सहित अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों की भी व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही वीडियो और थर्मल इमेजिंग कैमरों से सुसज्जित चार आर्टिकुलेटिंग वाटर टाॅवर, क्विक रिस्पांस व्हीकल, ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी), अग्निशमन रोबोट और फायर मिस्ट बाइक शामिल थीं। साथ ही हाउसबोट और पांटून पुलों पर आग बुझाने के लिए अग्निशमन नावें भी उपयोग में लाई गईं।