कैंट थाने के पैरोकार ने एक अक्तूबर 2024 को आदेश की प्रति प्राप्त की। इसमें कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि एफआईआर की कॉपी दो दिन में पेश की जाए। आरोप है कि बावजूद इसके कोर्ट में एफआईआर की कॉपी पेश नहीं की गई।
बताएं कि एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं...
प्राथमिकी के मुताबिक, इस वर्ष 23 सितंबर को वादी दिनेश चंद्र ने फिर से कोर्ट में गुहार लगाई। इसमें बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कोर्ट ने थाना कैंट से रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। कहा कि 18 अक्तूबर तक स्पष्ट रूप से बताएं कि एफआईआर दर्ज की गई या नहीं। इसके बावजूद तय कोर्ट को आख्या प्राप्त नहीं हुई। अगली तारीख चार नवंबर तय की गई लेकिन थाने से रिपोर्ट नहीं मिली। कोर्ट ने कहा कि थानाध्यक्ष का यह कृत्य न केवल न्यायालय के आदेश की अवमानना है बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।