नवाबगंज थाने में दर्ज शराब तस्करी के मामले से नाम हटाने के बदले एसटीएफ में तैनात दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह पर दो गाय, एक भैंस, जर्मन शेफर्ड कुत्ता और 35 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता की ओर से सौंपी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट की जांच के बाद हिसार मंडल के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हिसार जिले के ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू ने 17 फरवरी 2026 को एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत की थी। उसने दरोगा से बातचीत की 45 ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट भी सौंपे। आरोप लगाया कि प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज शराब तस्करी के मामले से नाम निकलवाने के बदले दो गाय-भैंस, जर्मन शेफर्ड कुत्ता और कुर्सी-मेज खरीदने के नाम पर 35 हजार रुपये मांगे गए।
एक फरवरी को दरोगा ने फोन कर दो गाय देने को कहा था। उसने तीन फरवरी को दो गाय भेज दीं। इसके बाद नौ फरवरी को फोन कर एक गाय और एक भैंस भेजने की मांग की।
मनवीर की शिकायत पर एसीबी ने जांच कर रिपोर्ट 15 जुलाई को हरियाणा के डीजी को भेजी गई। 14 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मिलने के बाद छह अक्तूबर को दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
2023 में दर्ज हुई थी शराब तस्करी की एफआईआर
मनवीर के खिलाफ प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दो सितंबर 2023 को अवैध शराब तस्करी की एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि हरियाणा से अंग्रेजी शराब अवैध तरीके से बिहार ले जाई जा रही थी। जांच में मनवीर का नाम भी सामने आया। मामले में वांछित होने पर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ समय बाद वह जमानत पर रिहा हो गया।
दरोगा पर लटकी विभागीय कार्रवाई की तलवार
एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी गई। हालांकि, हरियाणा में रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब दरोगा पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।