इन विशेष अधिनियमों में पुलिस नहीं दर्ज कर सकती एफआईआर
कोर्ट ने यूपी पुलिस और अभियोजन निदेशालय के सहयोग से एक सूची तैयार कराई है। इसमें ऐसे विशेष अधिनियम शामिल किए गए हैं जिनमें पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार नहीं। इनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, खान और खनिज अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, परक्राम्य लिखत अधिनियम और विभिन्न पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा अधिनियम शामिल हैं।
वे अधिनियम जहां पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर सकती है
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक एक्ट, शस्त्र अधिनियम, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार है।
जिला न्यायाधीशों को जारी किया निर्देश
हाईकोर्ट ने बिना विचार किए मजिस्ट्रेट की ओर से पारित किए जा रहे आदेश पर चिंता जताई। कहा, इससे हाईकोर्ट पर अनावश्यक मुकदमों का बोझ बढ़ रहा है। कोर्ट ने जिला न्यायाधीशों को विशिष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे सभी न्यायिक अधिकारियों को संवेदनशील बनाएं और उन्हें विशेष अधिनियमों के उल्लंघन में दायर पुलिस रिपोर्ट का संज्ञान न लेने का निर्देश दें। आदेश की एक प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, अतिरिक्त महानिदेशक (अभियोजन) और डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी के अतिरिक्त महानिदेशक को भेजने का निर्देश दिया।