नवाबगंज में कोडीनयुक्त औषधि के अवैध भंडारण मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। दो अलग-अलग जगहों से संदिग्ध मेडिकल फर्मों के गोदामों पर छापा मारा गया। इस दौरान सिरप तो नहीं मिली लेकिन बिक्री से जुड़े दस्तावेज मिले। दोनों फर्मों के मालिकों के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने नवाबगंज थाने में सोमवार देर रात एफआईआर दर्ज कराई है। औषधि निरीक्षक सुनील कुमार रावत ने सोमवार देर रात पुलिस बल के साथ नवाबगंज के पचदेवरा रोड और ब्लॉक रोड समेत कई गोदामों पर छापा मारा।
पहली कार्रवाई मेसर्स आजाद मेडिकल एजेंसी के खिलाफ की गई। इस फर्म के प्रोपराइटर परारी, मिर्जापुर निवासी रविकर सिंह ने नवाबगंज के पचदेवरा रोड, अटरामपुर में अपना गोदाम बना रखा था। टीम जब वहां पहुंची तो गोदाम में ताला लगा था। अधिकारी ताला तोड़कर अंदर गए तो कोडीनयुक्त औषधि का स्टॉक नहीं मिला लेकिन भारी मात्रा में बिक्री से संबंधित अभिलेख मिले। इन दस्तावेजों से पता चला कि फर्म से विभिन्न प्रदेशों और जनपदों में बड़े पैमाने पर दवाओं की सप्लाई की गई थी।
जांच टीम ने दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। दूसरा छापा ब्लॉक रोड जगदीशपुर चांधन, पचदेवरा में स्थित मेसर्स अनिका मेडिकल एजेंसी के गोदाम पर मारा गया। इसके प्रोपराइटर सरस्वतीपुर उर्फ कौड़िहार के निवासी बताए गए। यहां पर भी दवाएं नहीं मिली लेकिन दवाओं के बिक्री से जुड़े दस्तावेज मिले। नवाबगंज इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इनका नेटवर्क रायबरेली से मध्य प्रदेश तक फैला है। छापे के दौरान दवाएं नहीं मिलीं लेकिन बिक्री से जुड़े अभिलेख मिले हैं जो अवैध कारोबार की ओर इशारा करते हैं।