भारतीय रेलवे के चीफ इंजीनियर जगदीश चंद्र चौरसिया ने मुंबई की एक वित्तीय कंपनी और उसके तीन संचालकों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी ने उनकी 40 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट वापस करने से इन्कार कर दिया। चीफ इंजीनियर ने तय शर्त के अनुसार कंपनी पर ब्याज घटाने और भुगतान रोकने का भी आरोप लगाया है।
एफआईआर के अनुसार, जगदीश चंद्र चौरसिया ने नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच तीन किश्तों में 40 लाख रुपये एक वित्तीय कंपनी में निवेश किए थे। कंपनी ने 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आश्वासन दिया था लेकिन एफडी प्रमाणपत्र में नौ प्रतिशत ब्याज और सात वर्ष की लॉक-इन अवधि दर्ज कर दी गई।
आरोप है कि कंपनी ने फरवरी 2024 तक 40 हजार रुपये प्रतिमाह ब्याज दिया, इसके बाद इसे घटाकर 30 हजार और फिर टीडीएस के नाम पर 27 हजार रुपये कर दिया।
कई महीनों का ब्याज भी पूरा नहीं दिया गया। जब मूलधन वापस मांगा गया तो कंपनी ने एफडी लॉक-इन होने का हवाला देकर भुगतान से इन्कार कर दिया। पीड़ित ने कंपनी के संचालक शंभू राय, धीरज सिंह और रोहित कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।