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जेब भरो और कराओ अवैध निर्माण

Sat, 01 Aug 2015 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। पटरी पार पुराने शहर खासकर खुल्दाबाद, अटाला, अकबरपुर, मिन्हाजपुर, नूरुल्ला रोड, करेली, अतरसुइया आदि इलाकों में अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। यहां कई बड़े अवैध निर्माण भी हो रहे हैं। ओल्ड बिल्डप एरिया के नाम पर लोग एडीए के अफसरों से मिलीभगत बड़े-बड़े व्यावसायिक निर्माण करा रहे हैं। स्थिति यह है कि चार माह पहले करेली, अतरसुइया क्षेत्र में ही करीब आधा दर्जन अवैध निर्माण के मामले उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने जोनल अफसर (जेडओ) गुडाकेश शर्मा को फटकार लगाई थी।
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निर्माण रोकने के साथ सख्त कार्रवाई की हिदायत भी दी थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। निर्देशों की अनदेखी कर खुल्दाबाद चौराहा पर एक बड़ा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स अवैध रूप से तैयार होने के करीब है। पूर्व में सील होने के बावजूद व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में निर्माण धड़ल्ले से जारी है।

उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह के निर्देश के बावजूद अवैध निर्माण पर सख्ती नहीं हो रही है। खासकर पुराने शहर में। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि खुल्दाबाद, अटाला, अकबरपुर, मिन्हाजपुर, नूरुल्ला रोड, करेली, अतरसुइया जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में उपाध्यक्ष और सचिव का निरीक्षण कम ही हो पाता है। जेडओ, अवर अभियंता (जेई) और भवन निरीक्षक (बीआई) इससे भली भांति वाकिफ हैं। इसी का फायदा उठाते हुए अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जाता है। खुल्दाबाद, अटाला, अकबरपुर, मिन्हाजपुर, अतरसुइया जैसे हिस्से ओल्ड बिल्डप एरिया में आते हैं सो जेडओ, जेई और बीआई  मिलीभगत कर अवैध निर्माण कराने में लिप्त हैं।
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इसका ताजा उदाहरण ठीक खुल्दाबाद चौराहा पर हो रहा व्यावसायिक निर्माण हैं, जिसमें 50 से अधिक दुकानें बन रही हैं। यह अवैध निर्माण करीब सात माह पहले सील भी हुआ लेकिन ‘सेटिंग’ के बाद निर्माण फिर जारी हो गया। बेहद व्यस्त बाजार में बने इस कॉम्प्लेक्स में पार्किंग नहीं हैं। चौराहे के पास होने के कारण इसमें अतिरिक्त रोड वाइडनिंग होनी चाहिए। यह रोड मास्टर प्लान में भी है लेकिन जेब भरने के बाद अफसरों ने भी नियम-कानून ताक पर रख दिए हैं। उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह लगातार कह रहे हैं कि अवैध निर्माण पर सख्ती की जा रही है लेकिन पटरी पार इसका रत्ती भर असर नहीं दिख रहा।
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