प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसएसएल और पीसीबी छात्रावास के छात्रों में मंगलवार को यूनियन भवन के सामने झड़प हो गई। आपसी झड़प के बाद देर रात पीसीबी छात्रावास में बमबाजी की बात सामने आई। इस बारे में शिकायत मिलने के बाद प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार ने सभी आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रॉक्टर ने आरोपी छात्रों को चार जनवरी तक अभिभावकों के साथ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है। प्रॉक्टर का कहना है कि तय तिथि पर जवाब नहीं मिलने पर आरोपी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर को पीसीबी छात्रावास के शोभित राय एवं आशीष गुप्ता की ओर से मिली शिकायत मिली है। इन छात्रों ने आरोप लगाया है कि वह दोनों छात्रसंघ भवन पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान एसएसएल के विकास सिंह, आदित्य यादव, अभिषेक गुप्ता, आलोक सिंह, आयुष सिंह, शांतनु सिंह ने उन पर हमला किया। आरोप यह भी है कि इन छात्रों ने देर रात हॉस्टल में बमबाजी भी की।
फीस माफी के लिए प्रॉक्टर को ज्ञापन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नव प्रवेशी छात्रों को छात्रावास आवंटित किए जाने और छह महीने की फीस माफ करने की मांग को लेकर एनएसयूआई से छात्रों ने बुधवार को प्रॉक्टर को ज्ञापन सौंपा। अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि शाम पांच बजे के बाद इविवि परिसर में छात्राओं के प्रवेश में लगी रोक हटा ली जाए। ज्ञापन देने वालों दुर्गेश यादव, वैभव सिंह, टिशा कैथल, अभिषेक, सिंह पवन शामिल रहे।
प्रवक्ता भर्ती में दर्शनशास्त्र को शामिल करने की मांग
प्रयागराज। प्रतियोगी छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में दर्शनशास्त्र विषय को शामिल करने की मांग की है। एनएसयूआई के सत्यम कुशवाहा ने कहा की यदि दर्शन विषय इतना अनुपयोगी है तो उससे संबद्ध संस्थाएं जैसे आईसीपीआर, अखिल भारतीय दर्शन परिषद, उत्तर भारत दर्शन परिषद, बिहार दर्शन परिषद, आईपीसी, एसपीसी आदि का क्या महत्व है। मांग करने वालों में डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. नीरज, डॉ. गणेश, डॉ. मनोज यादव, डॉ. सुनील, सुशील जायसवाल, दिव्या पांडेय शामिल रहे।
किसान नेता चौधरी चरण सिंह को याद किया
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली को लेकर चल रहे अनशन के बीच बुधवार को किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई। अजय सम्राट ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जिन्होंने अपने संपूर्ण जीवन काल में देश के दलितों, पिछड़ों, गरीबों और किसानों की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। अनशन के दौरान राहुल पटेल, मुबाशिर हारून, नवनीत यादव, मसूद अंसारी, प्रकाश सिंह, मयंक प्रसाद आदि मौजूद रहे।