पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कानून व्यवस्था संभालने वाले होमगार्डों की कमी प्रयागराज मंडल में बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मंडल के चार जिले प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में स्वीकृत पदों के मुकाबले 3,133 पद खाली हैं। इसका सीधा असर ड्यूटी पर तैनात जवानों पर पड़ रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, मंडल में 4132 होमगार्ड ड्यूटी दे रहे हैं, इनमें प्रयागराज में 2133, कौशाम्बी में 492, फतेहपुर में 718 और प्रतापगढ़ में 789 होमगार्ड शामिल हैं। इन चारों जिलों में 3133 पद रिक्त हैं यानी तैनाती बल का करीब 76 प्रतिशत पद खाली है। प्रयागराज में 1,359 पद रिक्त हैं। प्रतापगढ़ में 811, फतेहपुर में 659 और कौशाम्बी में 304 पद रिक्त हैं।
मंडल में होमगार्डों के रिक्त पदों की वजह से सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। डीआईजी होमगार्ड्स पीयूष कांत ने बताया कि होमगार्डों की चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद राहत काफी हद तक मिलने की संभावना है।
मेला, चुनाव और त्योहारों में बढ़ती है जरूरत
होमगार्डों की भूमिका केवल सामान्य कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है। पुलिस के साथ यातायात नियंत्रण, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों, चुनाव और वीआईपी ड्यूटी में भी इनकी तैनाती की जाती है। प्रयागराज में माघ मेला समेत बड़े आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में होमगार्डों की अहमियत बढ़ जाती है।
जाम से निपटना बड़ी चुनौती
व्यस्त समय में चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ने, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों और भीड़ के बीच जाम की स्थिति बनती है। ऐसे समय में पर्याप्त संख्या में यातायातकर्मी के अलावा होमगार्ड उपलब्ध नहीं होने पर व्यवस्था को संभालने में अधिक समय लग जाता है।
41,424 होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया से मिल सकती है राहत
प्रदेश में 41,424 होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है। भर्ती पूरी होने पर पुलिस के साथ यातायात नियंत्रण और कानून व्यवस्था संभालने को अतिरिक्त बल मिलेगा।