साधन सहकारी समिति लक्षनकापूरा में महीने भर बाद यूरिया की खेप पहुंची है। सोमवार को यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ जुट गई। हालांकि दिन भर यूरिया खाद लेने के चक्कर में किसान आपस में भिड़ते रहे।
बता दें कि महीने भर से साधन सहकारी समिति में यूरिया नहीं थी। सोमवार को यूरिया की खेप पहुंची तो किसान जुट गए। इस दौरान पॉस मशीन में खराबी आ गई। जिस वजह से दिक्कत बनी रही। किसान राजमणि ने बताया महीने भर बाद यूरिया आई भी तो किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल सकी। किसानों को एक या दो बोरी ही यूरिया दी जा रही है। 20 बीघे गेहूं में दो बोरी यूरिया में कैसे छिड़काव होगा। रामसूरत ने कहा कि बड़े किसान होने के बावजूद दो बोरी ही यूरिया दी जा रही है।
वर्जन
साधन सहकारी समिति लक्षनकापूरा की पॉस मशीन में आई खराबी की वजह से दिक्कत हुई थी। सोमवार को समिति पर 22 एमटी यूरिया पहुंची और किसानों को वितरित भी की गई। सीमांत किसानों को अधिकतम सात बोरी यूरिया देने की व्यवस्था तय की गई है। -एसएन दूबे एडीओ कोऑपरेटिव मेजा।