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लॉक डाउन अवधि में जितने दिन बन्द रहे स्टॉल उतने दिन का शुल्क होगा माफ

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लॉकडाउन की वजह से बीते दो माह से आर्थिक तंगी झेल रहा उतर मध्य रेलवे प्रशासन अपने सैंकड़ों वेंडरों को राहत देने जा रहा है। रेलवे ने तय किया है कि प्रयागराज, झांसी एवं आगरा मंडल में जितने दिनों तक स्टेशनों के खान-पान के स्टॉल बन्द रहे, उनसे उक्त दिनों का किसी भी तरह का कोई भी शुल्क न लिया जाए। इतना ही नहीं रेलवे ने वर्तमान समय में रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों की संख्या के मुताबिक ही वेंडरों से शुल्क लेने की तैयारी की है।
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दरअसल 22 मार्च 2020 से ही उतर मध्य रेलवे के स्टेशनों पर खान-पान के स्टॉल, साइकिल स्टैंड आदि बंद चल रहे थे। लॉकडाउन अवधि में स्टॉल और स्टैंड बंद होने से इसके संचालकों और वहां काम करने वाले वेंडरों को काफी नुकसान हुआ।
इसके मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को अपने स्तर से निर्णय लेने की अनुमति दी कि वह जितने दिन ट्रेन नहीं चली और स्टॉल बन्द रहे इतने दिन का लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया जाए। बता दें एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर खानपान के तकरीबन 500 स्टॉल है।
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अकेले प्रयागराज मंडल में विभिन्न स्टेशनों पर खानपान के तकरीबन 200 स्टॉल हैं। रेलवे की ओर से स्टेशनों पर खान-पान स्टॉल और साइकिल स्टैंड का लाइसेंस देने की एवज में लाइसेंस शुल्क लिया जाता है। पहली जून से ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद अब चर्चा है कि रेलवे लॉक डाउनलोड के दौरान जितने दिन खानपान के स्टॉल बंद रहे उतने दिनो का शुल्क व संबंधित वेंडरों से नहीं लेगा।
प्रयागराज मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से इस बारे में कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जोन के सीपीआरओ अजीत सिंह का कहना है कि जोनल स्तर पर इस बारे में मंथन जारी है। उम्मीद है कि जितने दिन स्टॉल बंद किए गए, उतने दिनों का शुल्क नहीं लिया जाएगा या लाइसेंस शुल्क की मियाद बढ़ा दी जाएगी। यानी कि अगर किसी का लाइसेंस दिसंबर 2020 में खत्म होना है तो वह फरवरी 2020 तक मान्य रहेगा।
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