फीस वृद्धि के मामले में प्रशासन की पहल अभी कोई खास असर नहीं दिखा पाई है लेकिन पूरा जोर इस बात पर है कि स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर ऑनलाइन किया जाए। इसके लिए स्कूलों को हफ्ते भर का समय दिया गया है। मंगलवार को अनशनरत छात्रों के साथ बैठक में इस बात का आश्वासन दिया गया कि फीस वसूली में मनमानी नहीं करने दी जाएगी। हालांकि अफसर यह भी मानते हैं कि यह सब कुछ इतना आसान नहीं होगा। फीस नियंत्रण में कई तरह की अड़चनें हैं।
बैठक में तय किया गया कि सभी स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर ऑनलाइन होगा। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। किस-किस मद में फीस ली जा रही, उसका पूरा विवरण होगा। इस बाबत सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर मांगा गया है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अफसरों का का कहना है कि हर साल किताबों में परिवर्तन, बोर्ड की गाइडलाइन का पालन न करने जैसी मनमानी पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसकी संस्तुति की जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में गठित कमेटी तीन-चार दिनों के मंथन के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंप देगी।
एडीएम वित्त दयाशंकर पांडेय का कहना है कि ज्यादातर स्कूलों ने फीस की डिटेल, गाइडलाइन तथा अन्य विवरण सौंप दिए हैं। इसका अध्ययन किया जा रहा है। उनका कहना है कि फीस वृद्धि को लेकर न्यायालय के भी आदेश हैं। सभी पहलुओं पर विचार तथा विधिक सलाह के बाद निर्णय लिया जाएगा। बैठक में डीआईओएस, बीएसए समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
आश्वासन के बाद छात्रों का अनशन खत्म
फीस वृद्धि के विरोध समेत 11 सूत्रीय मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं का छह दिनों से चल रहा बेमियादी अनशन मंगलवार को खत्म हो गया। एडीएम एफआर ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। लगातार भूखे रहने की वजह से तबीयत बिगड़ने पर दो छात्रों अनुप शर्मा और रिंकू पयासी को पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। दो अन्य छात्रों अमित श्रीवास्तव और सीएमपी छात्रसंघ के महामंत्री अभिनव तिवारी को बेली में भर्ती कराना पड़ा। छात्रों के आंदोलन के समर्थन में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रांत संगठन मंत्री डॉ.आलोक भी इलाहाबाद पहुंच गए। इससे बने दबाव के बाद मंगलवार को एडीएम ने परिषद के पदाधिकारियों और छात्रों से वार्ता की। प्रदेश अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र प्रसाद तिवारी, महानगर अध्यक्ष उमेश द्विवेदी आदि ने छात्रों की मांग रखी। एडीएम के सकारात्मक आश्वासन के बाद छात्रों ने अनशन खत्म किया। अनशन करने वालों में मोहित तिवारी, विजय प्रताप सिंह, अनिल त्रिपाठी शामिल रहे।