इकलाैते बेटे के गम में फूट-फूट कर रोए पिता और अन्य परिजन
एसआरएन अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को दोपहर में शिवम का शव परिजनों को साैंप दिया गया। साथ ही डाॅक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है। सरायममरेज के हिंदूवानी मवैया गांव निवासी शिवम घर का इकलाैता बेटा था जबकि उसकी तीन बहनें हैं। पिता मुंबई में रहकर गाड़ी चलाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही पिता मुंबई से शनिवार को सीधे एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां परिजनों के गले लगकर वे फूट-फूटकर रोए। चेहरे पर इकलाैते बेटे को खोने का गम और पश्चाताप के आंसू देख हर कोई गमगीन हो गया।
26 सितंबर को थी शिवम की बहन की सगाई, प्रेमिका भी हुई थी शामिल
घटना से पहले 26 सितंबर को शिवम की बहन की सगाई हुई थी। इसमें उसकी प्रेमिका भी शामिल हुई थी। बताया जा रहा है कि यहीं पर दोनों ने भागकर शादी करने का फैसला किया था। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में प्रेमी युगल के जहर खाने की चर्चा है।
प्रेम संबंधों में असमर्थता या सामाजिक दबाव बढ़ा देता है मानसिक तनाव : डाॅ. राकेश
मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान का कहना है कि प्रेम संबंधों में असमर्थता या सामाजिक दबाव अक्सर मानसिक तनाव बढ़ा देता है। इससे व्यक्ति हताशा में गलत निर्णय ले लेता है। ऐसे मामलों में समय पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और परिजनों का सहयोग बेहद जरूरी है।
शुक्रवार को प्रेमी युगल के जहर खाने के बाद सूचना पर उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने प्रेमी को मृत घोषित कर दिया जबकि नाबालिग प्रेमिका का इलाज चल रहा है। युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। - सुनील कुमार, एसीपी हंडिया