Fear of strangling the woman after gang-rape
प्रयागराज। प्रयागराज-रीवा राजमार्ग पर इरादतगंज फ्लाईओवर के नीचे बुधवार की रात एक युवती की हत्या कर शव फेंक दिया गया। हत्या गला दबाकर की गई थी। सुबह लोगों ने शव देखा तो हड़कंप मच गया। दोपहर तक युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई तो पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आशंका व्यक्त की जा रही है कि कातिलों ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की। एक हफ्ते पहले हंडिया कोखराज हाईवे पर भी एक युवती की इसी तरह गला दबाकर हत्या की गई थी। उस लड़की की भी अब तक न शिनाख्त हुई है न ही पुलिस हत्या का खुलासा कर पाई।
गुरुवार की सुबह इरादतगंज ओवर ब्रिज के नीचे लोगों ने युवती (22) की लाश देखी तो आसपास के लोगों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में वहां भीड़ लग गई। युवती ने सफेद लैगिंग और काला टॉप पहना था। उसके दोनों हाथों में मेंहदी लगी थी। गले में काले निशान से साफ लग रहा था कि उसकी हत्या गला घोंटकर की गई थी। थानाध्यक्ष घूरपुर वृंदावन राय वहां घंटों शिनाख्त का प्रयास करते रहे रहे। सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी गई। आसपास के थानों को सूचना देकर लापता या अपहृत लड़कियों के बारे में पूछा गया लेकिन, कुछ नहीं पता चल पाया। पुलिस ने उसकी उंगलियों का निशान ले लिया है। एसओ ने बताया कि आधार केंद्र में उंगलियों के निशान से पहचान की कोशिश की जाएगी। ऐसा लग रहा है कि युवती की हत्या कहीं और की गई है। इसके बाद शव को वहां फेंक दिया गया।
ठीक ऐसी ही घटना 21 अगस्त को उतरांव क्षेत्र में हुई थी थी। वहां पर भी लगभग 20 साल की एक युवती की हत्या कर दी गई थी। उसका भी गला घोंटकर कातिलों ने हंडिया कोखराज हाईवे के बगल खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने तीन दिन बाद युवती के शव का अज्ञात में पोस्टमार्टम करा दिया। उस मामले का भी अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
अंधेरा देखकर फेंका शव ?
प्रयागराज। पुलिस की अब तक की जो जांच हुई है, उससे पता चला है कि युवती को संभवत: कार में मारकर फ्लाईओवर के पास फेंक दिया गया। दरअसल, इरादतगंज फ्लाईओवर पर अंधेरा रहता है। एसओ वृंदावन राय ने बताया कि कातिलों ने अंधेरा देखकर यकायक कार रोकी थी। इतनी तेज ब्रेक मारी थी कि कार के पहियों के निशान बन गए हैं।
लाश के पास मिला लावारिस बैग लेकिन, नहीं हुई शिनाख्त
प्रयागराज। इरादतगंज फ्लाईओवर शव से कुछ दूर पर एक लावारिस बैग मिला था। पुलिस ने तलाशी ली तो उसमें सतना, भोपाल के आभूषण के बिल, मार्क शीट, मोबाइल नंबर सहित अन्य कागजात मिले। पुलिस ने मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो पता चला वह आरसी त्रिपाठी का है। बैग ट्रेन से गिर गया था।