महेवाघाट कोतवाली के अंदावा गांव में वर्ष 2016 में हुए अमीर सिंह हत्याकांड में अदालत ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्यारे ने भूमि बेचने की बात को लेकर अपने पिता पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। बृहस्पतिवार को अपर जिला जज प्रथम की कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को सजा सुनाई।
अभियोजन के मुताबिक महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के अंदावा गांव निवासी सुधीर सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 सितंबर 2016 की रात उसके भतीजे योगेश सिंह उर्फ शिशु का अपने पिता अमीर सिंह से जमीन बेचने को लेकर विवाद हो गया। इसी बात को लेकर आरोपी योगेश ने फावड़े व धारदार हथियार से अपने पिता को काट डाला। वारदात के बाद आरोपी भतीजा योगेश मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
महेवाघाट कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद योगेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामला अपर जिला जज प्रथम रमेश कुमार यादव की कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने 10 लोगों की गवाही कराई। पत्रावलियों की जांच और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी योगेश को दोषी करार दिया। अदालत ने पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट मोहर्रिर ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
जुर्माने की आधी रकम अभियुक्त की पत्नी को देगा
पिता की हत्या में आजीवन कारावास की सजा पाए योगेश को सजा सुनाने के बाद कोर्ट ने उसके परिवार का भी ख्याल रखा। कोर्ट ने जुर्माने की दो लाख की रकम में से आधी अभियुक्त की पत्नी व उसकी बेटी के खाते में जमा कराने का निर्देश दिया है। बाकी रुपये राज्य सरकार के कोष में जमा कराए जाएंगे।