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फादर्स डे : पिता ने गढ़े कीर्तिमान, संतानों ने भी बढ़ाया मान

Mon, 21 Jun 2021 12:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • शिक्षा, साहित्य, खेल, संस्कृति और न्याय के क्षेत्र में खुद भी रहे अव्वल और अपने बच्चों को भी शीर्ष पर पहुंचाया
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पिता आशोक कुमार श्रीवास्वत पुत्र गौरव श्रीवास्तव और विराज श्रीवास्तव के साथ। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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गंगा-जमुनी के तहजीब वाले इस शहर में शिक्षा, साहित्य, खेल, संस्कृति, न्याय का भी एक और संगम है, जिन्हें पीढ़ियों ने संभाल रखा है। यहां ढेरों ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे, जहां पिता ने प्रयागराज के लोगों को गौरवान्वित होने का मौका दिया और फिर अपनी संतानों को भी इस काबिल बनाया, वे संगम नगरी का मान बढ़ा सकें। 

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पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने शोध के क्षेत्र में कई कीर्तिमान गढ़े और न सिर्फ अपने शिष्यों का भविष्य संवारा, बल्कि अपनी संतानों को भी काबिल बनाया। विश्वविद्यालय को आईएएस की फैक्ट्री यूं ही नहीं कहते, नामों की फेहरिस्त तो बहुत लंबी है, लेकिन चंद उदाहरणों की बात करें तो इसी विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर रहे बाल कृष्ण के पुत्र शैलेश कृष्णा, कॉमर्स विभाग में रहे प्रो. वीएन अस्थाना के पुत्र हिमांशु कुमार, जंतु विज्ञान विभाग में रहे प्रो. एसएम कपूर के पुत्र रवि कपूर, डीन कॉमर्स रहे प्रो. पीसी शर्मा के पुत्र संजीव कौशिक आईएएस अफसर बने, जो आज भी देश के तमाम राज्यों और केंद्र में उच्च पदों पर तैनात हैं। मानव विज्ञान विभाग में रहे प्रो. वीएस सहाय की पुत्री इवा सहाय ने तो सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष तीन में अपनी जगह बनाई थी। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो. एमपी दुबे के एक पुत्र मधुमय दुबे अटलांटा, अमेरिका में एक मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में डायरेक्टर हैं तो दूसरे पत्र तन्मय दुबे कैलिफोर्निया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 

पिता जटाशंकर के साथ बेटिया सुषमा और पूनम सिंह। - फोटो : prayagraj
शिक्षा के साथ न्याय के क्षेत्र में भी प्रयागराज ने कई कीर्तिमान गढ़े। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज रहे न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्ता के पुत्र न्यायमूर्ति अशोक कुमार भी हाईकोर्ट के जज रहे और वर्तमान में राज्य उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही जज रहे न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा के पुत्र न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल भी उच्च न्यायालय में जज रहे। वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के पिता न्यायमूर्ति एएन वर्मा हाईकोर्ट में जज के पद से रिटायर हुए। इसी तरह न्यायमूर्ति जगमोहन सिन्हा के पुत्र न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा भी हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं। 
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बेटी अनन्या श्रीवास्तव के साथ पिता अंकित श्रीवास्तव। - फोटो : prayagraj
खेल की दुनिया में भी प्रयागराज से तमाम नाम उभर कर सामने आए और बाद में उनकी संतानों ने पिता से दो कदम आगे बढ़कर संगम नगरी का मान बढ़ाया। बैडमिंटन में राष्ट्रीय चैंपियन रहे अभिन्न श्याम गुप्ता ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अभिन्न भारत के पहले शटलर हैं, जो सभी कैटेगरी में चैंपियन रहे और इसी वजह से उनका नाम वर्ष 2004 में नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया। वहीं, अभिन्न के पिता श्याम बाबू गुप्ता हॉकी के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं और लंबे समय तक उन्होंने एजीयूपी हॉकी टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे मोहम्मद कैफ ने भी अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया। उनके पिता मोहम्मद तारिफ रणजी और सेंट्रल जोन से क्रिकेट खेल चुके हैं। इसी कड़ी में रणजी ट्रॉफी एवं सेंट्रल जोन से क्रिकेट खेल चुके मुर्तजा अली का नाम भी आता है, जिनके पुत्र अली मुर्तजा पांच आईपीएल में खेले और इस दौरान दो साल तक सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में मुंबई इंडियन टीम के सदस्य भी रहे।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में भी पिता और उनकी संतानों ने खूब नाम कमाया। ह्दय रोग विशेषज्ञ और मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य रह चुके डॉ. पीसी सक्सेना के पुत्र डॉ. पीयूष सक्सेना भी कॉर्डियोलॉजिस्ट हैं और स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में मरीजों की सेवा में लगे हैं। शहर के जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन मिश्र की बेटी डॉ. पन्ना मिश्रा भी नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं और अब अपने पिता के साथ मरीजों की सेवा में जुटी हैं। एसआरएन अस्पताल में सर्जरी के एचओडी रह चुके डॉ. एलआर सिंह के पुत्र डॉ. राहुल सिंह एसआरएन अस्पताल में ही सर्जन हैं और दूसरे पुत्र डॉ. मयंक सिंह अर्थोपेडिक विभाग में हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में ही डॉ. बीबी सहाय का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। वह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के पद से रिटायर हुए और अब उनके पुत्र डॉ. ऋषि सहाय प्रयागराज में कोविड-19 के नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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