मेजा(इलाहाबाद)। यमुनापार के खीरी इलाके में शुक्रवार दोपहर किसान राजकरन बिंद को उसके दो बेटों ने ही लाठियों से पीटकर मार डाला। उस पर कुल्हाडी़ से भी वार किए। कमरे में बंदकर दोनों पुत्रों ने अपने पिता को इस कदर पीटा कि उसकी तमाम हड्डियां टूट गईं। मां को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। बेरहमी से वारदात अंजाम देेने के बाद दोनों बेटे फरार हो गए। शाम को खबर पाकर पहुंची पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर शव को चीरघर भेज दिया।
नीबीं गांव निवासी राजकरन बिंद खेती कर परिवार का गुजारा करता था। उसके तीन बेटे हैं रामबाबू, शिवकुमार, लक्ष्मीकांत। दो बेटियां भी हैं। शुक्रवार दोपहर रामबाबू और शिवकुमार ने घर में झगड़े के बाद अपनी मां अनारकली को कमरे में बंद कर दिया। फिर पिता राजकरन (46) को दूसरे कमरे में ले जाकर उसे लाठियों से बुरी तरह पीटा। कुल्हाड़ी से भी कई वार किए। पिता चीखता रहा और बगल के कमरे में मां भी शोर मचाती रही लेकिन बेरहमी पर उतारू दोनों पुत्र वार पर वार करते रहे। हैवानियत करने के बाद वे दोनों घर से निकलकर भाग गए। चीख-पुकार सुनकर जुटे गांव वालों ने दरवाजा खोलकर अनारकली को कमरे से निकाला। दूसरे कमरे में पहुंचे तो राजकरन खून से लथपथ पड़ा था। उसकी मौत हो चुकी थी।
गांव वालों से खबर पाकर कार्यवाहक थानाध्यक्ष रामकृपाल सिंह पहुंच गए। बेटों की क्रूरता से राजकरन के रीढ़ और पैरों की हड्डियां टूटी थीं। पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के बाद शव को चीरघर भेजा। रात में सीओ मेजा जीतेंद्र कुमार दुबे भी पहुंच गए। पुलिस ने मारे गए राजकरन की पत्नी अनारकली से बात की लेकिन वह रोती रही और घटना की वजह नहीं बता सकी। अलबत्ता यह पता चला है कि गुरूवार को राजकरन ने अपनी बेटी को किसी युवक से मोबाइल फोन लेने के लिए फटकारा और हाथ उठाया था। मगर कत्ल का कारण साफ नहीं है।