कैंट में पिता-पुत्र ने कछार की जमीन बेचकर 9.5 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित जब लोन लेने गया तो जांच के बाद बैंक ने बताया कि जमीन कछार क्षेत्र में है। पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो गालीगलौज की गई और जान से मारने को धमकाया गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
ओंकार यादव मूल रूप से फिरोजपुर पोस्ट तरवां जिला आजमगढ़ के रहने वाले हैं। वह नेवादा अशोक नगर में किराये के मकान में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बिलाल अहमद व उसका पिता याकूब अहमद पत्रकार कालोनी अशोक नगर के रहने वाले हैं। दोनों ने उन्हें एक जमीन दिखाई। 200 गज जमीन 30 लाख देने में की बात कही। इसके बाद उनके पिता से पांच लाख नकद व सात लाख बिलाल के एचडीएफसी बैंक के खाते में जरिए यूपीआई लिया। इस तरह कुल 12 लाख रुपये पिता-पुत्र को दिया गया।
उधर जब उन्होंने लोन के लिए बैंक में आवेदन किया तब पता चला कि संबंधित जमीन बाढ़ क्षेत्र में आती है। रुपये वापस मांगने पर दो साल बाद 2.5 लाख रुपये लौटाए गए। हालांकि बाकी पैसा नहीं दिया। शेष रकम भूल जाने को कहते हुए गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उच्चतम बाढ़ स्तर में जमीन देने का झांसा देकर आरोपियों ने 9.5 लाख रुपये हड़प लिए। कैंट पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि कैंट के नेवादा में माफिया के गुर्गे कछार की जमीन को बेचने में लगे हुए हैं। इसमें अतीक अहमद का वह करीबी भी शामिल है, जिसका आलीशान मकान व दो मंजिला लॉज तीन साल पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बुलडोजर चलवाकर ढहा दिया था। यह लॉज व मकान भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया था।